अध्‍याय-20 दॉतो के रोग

 

                   अध्‍याय-20

                 दॉतो के रोग

क्र

   रोग                              

औषधि

1

दॉत निकलते ही सडने लगते,दॉतो में र्दद 

क्रियोजोटम)

2

दॉत र्दद

प्‍लैन्टिगो 30

3

दांतों का काले पडने ,उस पर काली रेखाये दिखने एंव दांत टुकड टुकड होकर टूटेने पर

स्‍टैफिसैग्रिया

4

दांत जडों से सडने लगते है तथा बाकी भाग ठीक रहता है

थूजा

5

पायरिया

हेक्‍ला लावा

6

पायरिया में मुंह से बुरी गंध आने पर

पाइरोजेन

7

दॉतो पर मैल जमना

एसिड म्‍यूर

 

 

 

 

 

 

 

                   

 

 

 

 

                       

                       अध्‍याय-20

                    दॉतो के रोग

1-दॉत निकलते ही सडने लगते,दॉतो में र्दद  (क्रियोजोटम) :- कियोजोटम में दॉत निकलते ही सडने लगते है । डॉ0 सत्‍यवृत जी ने अपनी पुस्‍तक में लिखा है कि इसे दांत और मसूडों की सर्वोत्‍तम दवा कहा जाना चाहिये । बच्‍चों के दॉत निकलते क्षय होने लगते है दांत नील पीले काले रंग के हो जाते है दांतो से खून रिसता हो तो यह दवा 30 शक्ति में दिन मे तीन बार देना उचित है । दॉतों के दर्द में क्रियेजोटम क्‍यू को रूई में भिगोकर दॉत र्दद वाले स्‍थान पर लगा दे एंव लार को गिरने दे इससे तुरन्‍त दॉत का र्दद ठीक हो जायेगा । 

2- दॉत र्दद (प्‍लैन्टिगो 30):- दॉत के र्दद में प्‍लैन्टिगो क्‍यू को दॉतों में जिधर दर्द हो उस स्‍थान पर लगाये व इसकी 30वी शक्ति खिलाये इससे दर्द में लाभ होगा ।

3-दांतों का काले पडने ,उस पर काली रेखाये दिखने एंव दांत टुकड टुकड होकर टूटेने पर (स्‍टैफिसैग्रिया) :- दांतो के काले पडने उसपर काली रेखाये ऊभरने पर एंव दांत टुकडे टुकडे हो कर टूटने लगे तब ऐसी स्थिति में स्‍टैफिसैग्रिया 30 या 200 शक्ति में दी जा सकती है ।

दांतों की जडे खुरने लगे तो मेजेरियम इसमें दांतो का क्षय एकदम से शुरू होता है दांतों का इनैमल पहले खुरदरा हो जाता फिर झडने लगता है ।

 4-दांत जडों से सडने लगते है तथा बाकी भाग ठीक रहता है (थूजा):- इस दवा में भी  दांत जड से सडने लगते है तथा बाकी भाग ठीक दिखलाई देता है । ऐसी परस्थितियों में थूजा 200 या और भी उच्‍च शक्ति में प्रयोग करने से परिणाम अच्‍छे मिलते है । यदि रोगी में साईकोसिस के लक्षण दिखलाई दे तो यह दवा उपरोक्‍त कष्‍टों को तो दूर करेगी ही उसकी अन्‍य बीमारीयॉ भी अपने आप ठीक हो जायेगी । 

5-पायरिया (हेक्‍ला लावा) :-पायरिया में हेक्‍ला लावा दवा को 6-एक्‍स में या 30 पोटेंसी में प्रयोग किया जा सकता है ।

6-पायरिया में मुंह से बुरी गंध आने पर (पाइरोजेन) :- पायरिया में यदि मुंह से बुरी र्दुगंध आये तो पाइरोजेन दवा की 30 पोटेंसी दिन में तीन बार देना चाहिये इससे पायरिया में जो बुरी गंध आती है उसमें लाभ होता है परन्‍तु इसके साथ अन्‍य पायरिया की निर्वाचित दवाओं का प्रयोग किया जाना चाहिये ।

7-दॉतो पर मैल जमना (एसिड म्‍यूर) कई व्‍यक्तियों के दॉतों पर चाहे वे कितना भी ब्रश करे उनके  दॉतो पर मैल जमती है ऐसे रोगीयो को एसिड म्‍यूर 30 या 200 पोटेशी में देना चाहिये  

 

 

 

 

 

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